School Holidays: ठंड और आपदा का असर! सरकार ने सभी स्कूल-कॉलेज किए बंद

School Holidays:- 2026 की शुरुआत में देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। केंद्र और राज्य प्रशासन के निर्देश पर सभी राज्यों के सरकारी और निजी विद्यालयों को अचानक 15 दिनों के लिए बंद करने का आदेश जारी किया गया है। इस फैसले ने एक ही झटके में लाखों परिवारों की दिनचर्या बदल दी है। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह छात्र हित और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बच्चों को बचाया जा सके।

क्यों लिया गया इतना बड़ा निर्णय

प्रशासन के अनुसार देश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड, बाढ़ और मौसम की गंभीर परिस्थितियों ने हालात को चिंताजनक बना दिया है। खासतौर पर उत्तर भारत और पूर्वी राज्यों में हालात ज्यादा खराब बताए जा रहे हैं, जहां ठंड और प्राकृतिक आपदाओं का सीधा असर बच्चों की सेहत पर पड़ सकता है। इसके अलावा श्रावण मास के दौरान कांवड़ यात्रा की वजह से सड़कों पर भारी भीड़ और ट्रैफिक अव्यवस्था भी एक बड़ी वजह बनी है, जिससे छात्रों के स्कूल आने-जाने में खतरा बढ़ गया है।

किन संस्थानों पर लागू रहेगा अवकाश

यह 15 दिन का अवकाश केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा काफी बड़ा रखा गया है। कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, साथ ही छोटे बच्चों के लिए चलने वाले आंगनवाड़ी केंद्र भी पूरी तरह बंद रहेंगे। प्रशासन ने साफ किया है कि इस अवधि में किसी भी तरह की पढ़ाई, परीक्षा या कोचिंग गतिविधि आयोजित नहीं की जाएगी।

अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के लिए सख्त अपील

प्रशासन की ओर से अभिभावकों से विशेष अपील की गई है कि वे बच्चों को घर से बाहर पढ़ाई के नाम पर कहीं न भेजें और उनकी सुरक्षा को सर्वोपरि रखें। स्कूल प्रबंधन को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे छुट्टी के दौरान कोई वैकल्पिक कक्षाएं या ऑफलाइन गतिविधियां न चलाएं। अधिकारियों का मानना है कि थोड़ी सी लापरवाही बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है, इसलिए सभी को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।

सुरक्षा व्यवस्था और आगे की तैयारी

अवकाश के दौरान शहरी और ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रखा गया है और शिक्षण परिसरों की नियमित निगरानी की जाएगी। माता-पिता की सुविधा के लिए हेल्पलाइन सेवाएं भी सक्रिय की जा रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जैसे ही हालात सामान्य होंगे, स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा खोला जाएगा। तब तक यह फैसला छात्रों की सुरक्षा के लिए एक जरूरी कदम माना जा रहा है।

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